भू बैकुंठ बद्रीनाथ धाम में चंद्र ग्रहण के सूतक के चलते बंद हुए मंदिर के कपाटग्रहण के प्रभाव से पूर्व में ही हुई पूजन-अर्चन की सभी विधियां

भू बैकुंठ बद्रीनाथ धाम में चंद्र ग्रहण के सूतक के चलते बंद हुए मंदिर के कपाटग्रहण के प्रभाव से पूर्व में ही हुई पूजन-अर्चन की सभी विधियां

रिपोर्ट- संजय कुंवर ,,

स्थान- बदरीनाथ धाम

भाद्रपद पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले चंद्र ग्रहण के सूतक काल के चलते रविवार दोपहर 12:50 बजे श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। भू बैकुंठ नगरी कहे जाने वाले इस दिव्य धाम में ग्रहण के कारण धार्मिक मर्यादा का पालन करते हुए सभी सायं कालीन पूजन-विधियां जैसे श्री भोग और शयन आरती को पूर्वाह्न में ही संपन्न कर लिया गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल को अपवित्र माना जाता है। ऐसे में मंदिर में नियमित पूजा-पाठ, आरती तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को ग्रहण लगने से पहले ही विधिपूर्वक पूर्ण कर लिया गया। मंदिर समिति द्वारा सूतक आरंभ होने से पहले ही विशेष तैयारियां की गई थीं।

सोमवार प्रातः होगा मंदिर का शुद्धिकरण
ग्रहण समाप्त होने के पश्चात सोमवार प्रातः काल बद्रीनाथ मंदिर के कपाट विधिपूर्वक शुद्धिकरण उपरांत पुनः खोले जाएंगे। इसके बाद श्री बदरी विशाल की नित्य पूजन-आराधना एवं अन्य धार्मिक क्रियाएं यथावत रूप से प्रारंभ की जाएंगी।

श्रद्धालुओं के लिए दर्शन होंगे प्रारंभ
शुद्धिकरण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु पुनः श्री बदरीनाथ भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धर्मनिष्ठा का पालन करते हुए नियमों का सम्मान करें।