

रिपोर्ट -दीपक नौटियाल

उत्तरकाशी, 6 सितंबर — सीमांत जनपद उत्तरकाशी इस समय प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जिले के कई हिस्सों में सड़कों पर मलबा जमा है और यातायात पूरी तरह बाधित है। ऐसे कठिन समय में उत्तरकाशी-लंबगांव मार्ग लोगों के लिए किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रहा।




जहां एक ओर जिले की कई प्रमुख सड़कें बंद हैं, वहीं यह वैकल्पिक सड़क उत्तरकाशी को देहरादून सहित अन्य जनपदों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आपदा के दौरान यह सड़क न केवल स्थानीय लोगों के लिए राहत का मार्ग बनी है, बल्कि गंभीर रूप से बीमार रोगियों को देहरादून जैसे बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में भी मददगार साबित हो रही है।

सड़क पर बढ़ा ट्रैफिक, रोडवेज बस सेवा शुरू करने की मांग

आमतौर पर इस मार्ग का उपयोग उत्तरकाशी जनपद के अलावा टिहरी जनपद के प्रतापनगर क्षेत्र के लोग करते हैं। इसके अलावा, चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम जाने वाले कई यात्री भी इस मार्ग से यात्रा करते हैं। लेकिन विडंबना यह है कि आज तक इस महत्वपूर्ण मार्ग पर रोडवेज की कोई नियमित बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है।


इसी संदर्भ में आज भाजपा के जिला अध्यक्ष नागेंद्र सिंह चौहान ने सरकार से मांग की है कि इस मार्ग पर उत्तराखंड रोडवेज की नियमित बस सेवा जल्द शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि, “उत्तरकाशी-लंबगांव सड़क आज आपदा के समय हजारों लोगों की जीवनरेखा बन चुकी है। सरकार को चाहिए कि इस सड़क की महत्ता को समझते हुए यहां जल्द से जल्द रोडवेज सेवा शुरू करे, ताकि भविष्य में भी किसी आपदा के समय आवागमन बना रहे।”


आपदा में सबक, भविष्य की तैयारी जरूरी

प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वैकल्पिक मार्गों का सुव्यवस्थित और सशक्त होना कितना आवश्यक है। उत्तरकाशी-लंबगांव सड़क ने यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए, तो यह न केवल आपदा में राहत दे सकती है बल्कि नियमित यात्रा के लिए भी एक मजबूत विकल्प बन सकती है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की यह मांग है कि सरकार इस मार्ग को प्राथमिकता में लेकर सड़क सुधार, परिवहन सुविधा और यात्री सुविधा केंद्रों का विकास करे, जिससे भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा की स्थिति में जनता को राहत मिल सके।



