

स्थान : नेपाल महेंद्रनगर
ब्यूरो रिपोर्ट


भारत-नेपाल सीमा पर बेहतर समन्वय और सीमा संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर दोनों देशों के प्रशासनिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। नेपाल स्थित एक होटल में हुई इस बैठक में भारत के पांच सीमावर्ती जिलों और नेपाल के पांच जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।


बैठक में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नो-मैन्स लैंड में हो रहे अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों के पुनर्स्थापन तथा सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।


इस बैठक में सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), सर्वे विभाग की टीमों सहित दोनों देशों के प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने संयुक्त सर्वेक्षण के माध्यम से क्षतिग्रस्त पिलरों की पहचान करने और नो-मैन्स लैंड में हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए समन्वित कार्रवाई पर सहमति जताई।


उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सीमा संबंधी मुद्दों पर नियमित संवाद और समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की संयुक्त टीमें जल्द ही कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्स्थापन और अतिक्रमण हटाने का कार्य करेंगी।
नेपाल की ओर से मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी सीमा प्रबंधन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय के माध्यम से सीमा क्षेत्र की समस्याओं का प्रभावी और स्थायी समाधान संभव है।


बैठक के दौरान सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा सीमावर्ती नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने मिलकर सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।



