

देहरादून, 6 सितंबर — उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में चयनित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। साथ ही उन्होंने ₹15 करोड़ लागत की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर राज्य के शिक्षा और बुनियादी ढांचे को नई ऊर्जा दी।



मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “सरकार की कोशिश है कि योग्य और मेहनती युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था के तहत समय पर रोजगार मिले। हमारी प्रतिबद्धता है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा अवसर से वंचित न रहे।”

चार वर्षों में 25,000 से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य सरकार ने 25,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में नकल विरोधी कानून के लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल रहा है।




शिक्षा और रोजगार में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम धामी ने कहा कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और रोजगार में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी नौकरियों की प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को मजबूती देने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

₹15 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों में संचालित योजनाओं के तहत ₹15 करोड़ की लागत से बनने वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें विद्यालय भवन, छात्रावास, और अन्य बुनियादी ढांचे शामिल हैं, जो राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच को सशक्त बनाएंगे।



मुख्यमंत्री ने युवाओं को दिया संदेश
कार्यक्रम के अंत में सीएम धामी ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे निरंतर परिश्रम करते रहें, क्योंकि सरकार हर उस कदम पर उनके साथ है, जहां मेहनत और प्रतिभा की जरूरत है। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार उन्हें उड़ान देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।”



