बारावफ़ात जुलूस में सुरक्षा नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियाँ, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

बारावफ़ात जुलूस में सुरक्षा नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियाँ, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

स्थान : हरिद्वार

बारावफ़ात के मौके पर निकाले जा रहे जुलूसों में इस बार सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। कई स्थानों पर जुलूस के दौरान कानूनों और यातायात नियमों का खुला उल्लंघन देखा गया, जिससे न केवल आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ी बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

जुलूस में हाथों में डंडे लेकर चल रहे युवकों की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जो माहौल को तनावपूर्ण बना सकते हैं। इसके अलावा, मोटरसाइकिलों पर तीन से चार लोगों के बैठकर चलने की घटनाएँ सामने आई हैं, जो सीधे तौर पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हैं।

सबसे गंभीर मामला लोडिंग वाहनों पर तेज़ आवाज़ में बजते डीजे और उन पर लटकते नाबालिग बच्चों का रहा। बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के ऐसे स्टंट न केवल बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ हैं, बल्कि इससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।

सड़क सुरक्षा और जनहित से जुड़े नियमों की अनदेखी करते हुए जुलूस में शामिल कुछ लोग लगातार लापरवाही करते नज़र आए। ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई रही और कई स्थानों पर एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की ढीली निगरानी और पुलिस की मौन भूमिका पर नाराज़गी जताई है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाना चाहिए, लेकिन यदि इसमें कानून तोड़ा जाता है तो प्रशासन को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।

अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर उल्लंघनों पर क्या कदम उठाता है, और क्या आने वाले समय में ऐसे आयोजनों में कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी या नहीं।