आसमान से बरसी आफत: उत्तराखंड में भारी बारिश ने मचाई तबाही

आसमान से बरसी आफत: उत्तराखंड में भारी बारिश ने मचाई तबाही

स्थान-देहरादून

उत्तराखंड में इस बार का मानसून कहर बनकर टूटा है। पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी जिलों तक भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शासन-प्रशासन जहां राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, वहीं जनता को हर दिन नए संकटों का सामना करना पड़ रहा है।

रिकॉर्ड तोड़ बारिश, टूटा 10 साल का रिकॉर्ड

मौसम विभाग के अनुसार अगस्त महीने में बीते 10 वर्षों का बारिश का रिकॉर्ड टूट चुका है। राज्य में अगस्त के दौरान 574 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो औसत से कहीं अधिक है। वहीं सितंबर माह में भी भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। देहरादून, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मानव जीवन पर भारी पड़ी बारिश

आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है, 115 लोग घायल हुए हैं, और 90 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।

साथ ही भारी बारिश और भूस्खलन के चलते 1828 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 229 मकान पूरी तरह जमींदोज, और 71 मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

5 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

अब तक की गणना के अनुसार, राज्य को 5000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। केंद्र सरकार की एक टीम जल्द उत्तराखंड पहुंचकर नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन करेगी।

मुख्यमंत्री की लगातार मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और ग्राउंड जीरो से स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दे रहे हैं।

सतर्कता की अपील

आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की अपील की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने मोबाइल पर ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड कर समय रहते मौसम से जुड़ी सटीक जानकारी प्राप्त करें।