

स्थान….. हल्द्वानी
रिपोर्ट…… ऋषि कपूर

भारी बरसात के बीच बेघर होने के कगार पर पहुंचे एक परिवार ने मंगलवार को एसडीएम कोर्ट परिसर में धरना देकर सिटी मजिस्ट्रेट पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने उनके साथ न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि उनके घर में ताला भी जड़ दिया।



क्या है मामला?
मामला देवखड़ी नाले क्षेत्र का है। यहां कई परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इलाके का निरीक्षण करने पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने बिना किसी पूर्व नोटिस के उन्हें घर खाली करने को कहा और पुलिस बल के साथ दबाव बनाया। इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि उन्होंने परिवार के साथ बदसलूकी की और घर में ताला तक लगा दिया।



पीड़ित परिवार ने कहा कि इससे पहले भी उनका घर तोड़ा जा चुका है, और अब फिर से उन्हें अचानक बेघर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्रवाई से आहत होकर परिवार ने एसडीएम कोर्ट में धरना शुरू कर दिया।


परिवार का आरोप
धरने पर बैठे परिवार के सदस्यों ने कहा कि प्रशासन लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। उनका कहना है कि “बिना कोई नोटिस दिए कार्रवाई की जाती है। बरसात के बीच हमें घर से निकालना कहां तक न्यायसंगत है? सिटी मजिस्ट्रेट ने हमारे साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और घर पर ताला लगा दिया।”

सिटी मजिस्ट्रेट की सफाई
वहीं, दूसरी ओर सिटी मजिस्ट्रेट ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते देवखड़ी नाले क्षेत्र में खतरा बना हुआ है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए घर खाली कराने की कार्रवाई की गई थी।
उन्होंने माना कि “फील्ड में दिनभर काम करते समय कई बार अनजाने में कुछ सख्त भाषा का प्रयोग हो जाता है, लेकिन हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है। मकसद सिर्फ लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”


बरसात के मौसम में हल्द्वानी और आसपास के नालों के किनारे बने घर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। एक ओर लोग इन्हें अपना स्थायी आशियाना बताते हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन इन्हें असुरक्षित घोषित कर लगातार खाली कराने की कोशिश कर रहा है।



