

स्थान – नानकमत्ता सितारगंज

रिपोर्टर – तनवीर अंसारी

पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी वर्षा ने नानकमत्ता क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विशेषकर नानकसागर डैम का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने डैम के सभी गेट खोलने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में अलर्ट मोड सक्रिय कर दिया है।



अधिशासी अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश के कारण नानकसागर जलाशय का जलस्तर अब 702 फीट तक पहुंच गया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से आग्रह किया कि डैम और नदी के किनारे न जाएं, और सुरक्षित क्षेत्रों में रहने का प्रयास करें। अधिकारियों का कहना है कि यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो प्रशासन तत्काल रेस्क्यू और राहत कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।




प्रशासन की तैयारी और निगरानी
नानकसागर डैम के आसपास पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को तैनात किया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा कि 24×7 निगरानी की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में बैरियर लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को समय-समय पर अलर्ट जारी करने और सुरक्षित मार्गों के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।


स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
डैम के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि इस साल बरसात की तीव्रता पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। कई परिवारों ने अपने जरूरी सामान और घरेलू उपकरण सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि रात-दिन सतर्क निगरानी से बड़े हादसे टल सकते हैं।


भविष्य की चेतावनी और अपील
अधिशासी अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही, तो नानकसागर जलाशय के आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की संभावना है। उन्होंने कहा कि लोगों को फालतू की आवाजाही से बचना चाहिए और प्रशासन द्वारा दी जा रही सावधानियों और निर्देशों का पालन करना चाहिए।

प्रशासन ने यह भी बताया कि डैम के पास आने वाले सभी प्रवासी और पर्यटक को सतर्क रहने और नदी किनारे जाने से बचने की चेतावनी जारी की गई है। डैम और नदियों के जलस्तर पर रात-दिन निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति के लिए रिलिफ कैंप और बचाव दल तैयार हैं।



