

स्थान -रानीखेत
रिपोर्ट -संजय जोशी

पारंपरिक उत्साह और भक्तिभाव के साथ मां नंदा-सुनंदा महोत्सव की शुरुआत हो गई है। गुरुवार सुबह नंदा देवी मंदिर से कदली वृक्षों को लाने की यात्रा निकाली गई, जिसके साथ नगरभर में जयघोष गूंज उठा।



कदली वृक्षों को लाने से पहले राय स्टेट में विशेष पूजा-अर्चना हुई। पूजन का कार्य पंडित विपिन चंद्र पंत ने संपन्न कराया। इस दौरान महिलाओं ने भजन-कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।



शोभा यात्रा में पारंपरिक नगाड़े, छोलिया नृत्य और धार्मिक झांकियों ने सभी को आकर्षित किया। यात्रा नगर के मुख्य बाजार से होती हुई नंदा देवी मंदिर पहुंची, जहां कदली वृक्षों को स्थापित कर दिया गया। गुरुवार शाम से ही कदली वृक्षों से मूर्तियों के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।




कार्यक्रम का शेड्यूल
- 31 अगस्त को नंदाष्टमी के अवसर पर प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा होगी।
- सोमवार से महिलाओं और बच्चों की प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।
- 31 अगस्त और 1 सितंबर को विद्यालयों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
- 2 सितंबर को झोड़ा प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
- 3 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा का भव्य डोला शोभा यात्रा निकलेगी।


महोत्सव की कदली शोभा यात्रा में समिति अध्यक्ष अंशुल साह, संरक्षक हरीश लाल साह, पूर्व उपाध्यक्ष विधि आयोग दिनेश तिवारी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह रावत समेत अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नगरवासी शामिल रहे।



