


स्थान : रामनगर/उत्तराखंड
संवाददाता : सलीम अहमद साहिल


रामनगर। उत्तराखंड पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। रावत ने कहा कि सरकार ने पंचायत चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया, जो जनमत का खुला अपमान है।



रामनगर की सड़कों पर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। मुख्यमंत्री धामी का पुतला फूंककर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया।


रणजीत रावत ने स्पष्ट कहा,


“अब कांग्रेस चुप बैठने वाली नहीं है। लोकतंत्र की रक्षा और जनता के वोट के अधिकार की लड़ाई हम सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे।”

विपक्ष का मोर्चा, सत्ता पक्ष की परीक्षा

पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद उपजे विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति को नई दिशा दे दी है। कांग्रेस ने संकेत दे दिए हैं कि वह अब राज्य सरकार के हर फैसले पर पैनी नजर रखेगी और किसी भी “लोकतंत्र विरोधी” गतिविधि को उजागर करने से पीछे नहीं हटेगी।


फिलहाल सत्ता पक्ष की ओर से इस विरोध प्रदर्शन और आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सियासी तकरार और तेज हो सकती है।


क्या कहते हैं जानकार?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनावों के नतीजे भले ही स्थानीय स्तर के हों, लेकिन उनका प्रभाव राज्य की राजनीति पर व्यापक रूप से पड़ता है। ऐसे में विपक्ष द्वारा सरकार पर सीधा हमला आने वाले विधानसभा सत्र में भी गहमा-गहमी का संकेत देता है।


