रुड़की में आवारा कुत्तों का आतंक, समाजसेवी मोहम्मद मुबशशीर ने नगर निगम पर उठाए सवाल

रुड़की में आवारा कुत्तों का आतंक, समाजसेवी मोहम्मद मुबशशीर ने नगर निगम पर उठाए सवाल

लोकेशन – रूड़की
संवाद्दाता – प्रिंस शर्मा

शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हादसों और रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के बढ़ते मामलों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। वरिष्ठ समाजसेवी और अधिवक्ता मोहम्मद मुबशशीर ने इस मुद्दे को लेकर नगर निगम और शासन को आड़े हाथों लिया है।

मुबशशीर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों पर दिए गए दिशा-निर्देश सराहनीय हैं, लेकिन यह निर्णय पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए, क्योंकि यह समस्या सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। “रुड़की सहित देश के हर शहर और गांव में लोग इन जानवरों से त्रस्त हैं,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि रुड़की में आवारा कुत्तों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, और इससे संबंधित दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं। लोगों में रेबीज को लेकर गहरी दहशत है, लेकिन न तो एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर का काम पूरा हो पाया है और न ही अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण की व्यवस्था उपलब्ध है।

मुबशशीर ने यह भी बताया कि वह वर्ष 2022 से इस विषय पर अधिकारियों और सरकार को लगातार ज्ञापन और शिकायतें भेजते आ रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनहित में आंदोलन और कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने कहा, “आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और मुफ्त वैक्सीन की व्यवस्था सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि लापरवाही जारी रही तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।”

अब देखना यह है कि समाजसेवी मुबशशीर की चेतावनी के बाद प्रशासन और नगर निगम जागते हैं या जनता को एक बार फिर आंदोलन और अदालत का रुख करना पड़ेगा।