लालकुआँ रेलवे स्टेशन पहुँचा भटका बारहसिंघा, 5 घंटे की मशक्कत के बाद जंगल में छोड़ा गया सुरक्षित

लालकुआँ रेलवे स्टेशन पहुँचा भटका बारहसिंघा, 5 घंटे की मशक्कत के बाद जंगल में छोड़ा गया सुरक्षित

लोकेशन :- लालकुआँ
रिपोर्टर :- मुन्ना अंसारी

आरक्षित वन क्षेत्र से भटकते हुए एक बारहसिंघा आज सुबह लालकुआँ रेलवे स्टेशन तक जा पहुँचा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्टेशन के पास स्थित जीआरपी चौकी के समीप झाड़ियों में पहुँचने पर वहां ड्यूटी पर तैनात जीआरपी जवानों ने स्थिति को भाँपते हुए तुरंत गौला रेंज के वन विभाग कर्मियों को सूचना दी।

जाल से बच निकला, ट्रैंकुलाइज़र से हुआ काबू

सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची वन विभाग की टीम ने बारहसिंघा को पकड़ने के लिए जाल लगाकर घेराबंदी की। लेकिन चौकस बारहसिंघा जाल को चकमा देकर भाग निकला। इसके बाद वन विभाग ने उच्च अधिकारियों से संपर्क कर ट्रैंकुलाइज़र (नशा कर बेहोश करने वाली तकनीक) की अनुमति मांगी।

लगभग एक घंटे बाद तराई केंद्रीय वन प्रभाग, टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुँचे। करीब 5 घंटे की सतत मशक्कत के बाद बारहसिंघा को सुरक्षित रूप से ट्रैंकुलाइज़ कर बेहोश कर दिया गया।

सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया

बेहोश किए गए बारहसिंघा को वन विभाग की टीम ने तत्काल टांडा रेंज के घने जंगल में एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर छोड़ा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में पुनः सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।

वन्यजीव संरक्षण की मिसाल

वन अधिकारियों की इस त्वरित और समर्पित कार्रवाई से न सिर्फ एक दुर्लभ वन्य जीव को सुरक्षित बचाया गया, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को भी टाल दिया गया। क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने बताया कि, “वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके संरक्षण हेतु विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से भी अपील है कि इस तरह की घटनाओं में धैर्य बनाए रखें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें।”