

स्थान : थराली (चमोली)
रिपोर्टर : मोहन गिरी


थराली विकासखंड के बैनोली गांव के ऊपर बने ग्वालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा दीवार अब ग्रामीणों के लिए सुरक्षा नहीं, बल्कि खतरे का कारण बनती जा रही है। बीआरओ द्वारा बनाई गई यह दीवार हर बरसात में धंसती जा रही है, जिससे गांव की आबादी, पैदल रास्ते और आवासीय मकानों पर संकट मंडरा रहा है।



बीते रविवार रात भारी बारिश के चलते गांव से सटे पैदल मार्ग के पास बनी सुरक्षा दीवार अचानक धंस गई, जिसके बाद गिरते पत्थरों और मलबे के डर से ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया।



प्रशासन व बीआरओ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण

सोमवार को उपजिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट, बीआरओ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित, ग्राम प्रधान और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।



निरीक्षण के बाद उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने बीआरओ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से धंसे हिस्से से मलबा और पत्थर हटाने तथा मजबूत सुरक्षा दीवार निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ग्रामवासियों की रायशुमारी के अनुसार ही निर्माण कार्य कराया जाएगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जानमाल की क्षति न हो।

लगातार खतरे में हैं ग्रामीण

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बीआरओ की बनाई दीवारें बारिश में बार-बार धंस रही हैं, जिससे पैदल चलने वाले लोग, नीचे बसे मकान और गौशालाएं खतरे की जद में आ जाती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।


निष्कर्ष:
बैनोली गांव की स्थिति यह बताती है कि सुरक्षा के नाम पर बनाए गए ढांचे यदि टिकाऊ न हों तो वे जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। अब देखना होगा कि बीआरओ और प्रशासन मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकालते हैं।



