उत्तराखंड में बरसात बनी आफ़त, केदारनाथ मार्ग बाधित

उत्तराखंड में बरसात बनी आफ़त, केदारनाथ मार्ग बाधित

स्थान : देहरादून

उत्तराखंड में इस समय बरसात मुसीबत बनकर बरस रही है। पर्वतीय जिलों में आए दिन भूस्खलन, पत्थर गिरने और मलवे के कारण लोगों को भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी यात्रा मार्गों पर झेलनी पड़ रही है।

केदारनाथ मार्ग पर बाधा

चारधामों में से एक श्री केदारनाथ धाम मार्ग भी इससे अछूता नहीं रहा। ताज़ा घटनाक्रम में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से भारी पत्थर और मलवा गिरने से मार्ग बाधित हो गया। नतीजतन, दर्शन के लिए धाम की ओर जा रहे श्रद्धालुओं का आना-जाना रुक गया। कई श्रद्धालु मार्ग में ही फंसे रहे, जबकि स्थानीय लोग भी इस समस्या से जूझते रहे।

राहत कार्य में जुटीं टीमें

सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। मार्ग पर तैनात मशीनें और रेस्क्यू दल लगातार पत्थर और मलवा हटाने में जुटे हैं। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, आवाजाही फिर से शुरू कर दी जाएगी।

विधायक आशा नौटियाल का बयान

केदारनाथ क्षेत्र की विधायक आशा नौटियाल ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“बरसात के दौरान मार्ग बाधित होना सामान्य बात है। लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी रहती है। मशीनें और रेस्क्यू टीमें पहले से ही तैनात हैं, जो तुरंत राहत कार्य में लग जाती हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ज्यादा दिक़्क़त न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।”

यात्रियों की चिंता

मार्ग बाधित होने से हजारों किलोमीटर दूर से आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई श्रद्धालु रास्ते में फंसकर बारिश और ठंड झेलने को मजबूर हुए। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रुकवाने और भोजन-पानी की व्यवस्था का भरोसा दिया है।

बरसात बनी चुनौती

उत्तराखंड में मानसून हर साल चुनौतियाँ लेकर आता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, गदेरे और नालों का उफान आम समस्या बन जाती है। यात्रा सीजन में इन घटनाओं से न सिर्फ श्रद्धालुओं को परेशानी होती है, बल्कि स्थानीय व्यापार और आम जनजीवन भी प्रभावित होता है।