

स्थान : रानीखेत


इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की शहादत के 40वें दिन मनाया जाने वाला चेहल्लुम पर्व गंभीर, गमगीन और श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया गया।




इस अवसर पर नगर में ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया।



लालकुर्ती, कुमपुर बाजार, नाई मुहल्ला सहित अन्य मोहल्लों से ताजियेदारों ने ढोल-ताशों के साथ ताजिए निकाल कर खड़ी बाजार चौराहे पर पहुंचाए। चौराहे पर आकर्षक ताजियों को पुरस्कृत भी किया गया। इसके बाद सभी ताजिए सामूहिक रूप से सदर बाजार होते हुए इमामबाड़ा पहुंचे।



इमामबाड़ा परिसर में लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया।

सभी ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और मानवता, बलिदान व सच्चाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


चेहल्लुम का यह पर्व त्याग, बलिदान और न्याय के लिए संघर्ष की भावना का प्रतीक है। यह संदेश देता है कि अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।



