


स्थान – खटीमा (उधम सिंह नगर)

रिपोर्ट – अशोक सरकार



खटीमा क्षेत्र में भूमि विवाद के मामले में एक पूर्व अध्यापक दीवान सिंह खाती ने भू-माफियाओं द्वारा प्लॉट पर अवैध कब्जे की कोशिश का आरोप लगाते हुए उप-जिलाधिकारी तुषार सैनी को ज्ञापन सौंपा। उनके साथ कई ग्रामीण भी मौजूद थे।



दीवान सिंह खाती का कहना है कि उन्होंने वर्ष 1990 में उम्र खुर्द (कंजाबाग) क्षेत्र में 45×100 फीट का प्लॉट खरीदा था और 1995 में वहां मकान बनाकर निवास करना शुरू कर दिया था। उन्होंने खटीमा में अध्यापन का कार्य किया और सेवानिवृत्ति के बाद कुछ समय के लिए अपने गृह क्षेत्र बेरीनाग चले गए। इसके बाद कभी-कभार अपने पुराने आवास पर भी रहने आते रहे।


उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में फकीरचंद और कुछ भू-माफिया उनके प्लॉट पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे हैं। दीवान सिंह का दावा है कि शासन-प्रशासन की मिलीभगत से उनके विरुद्ध झूठी FIR दर्ज कराई जा रही है और उन्हें कोतवाली बुलाकर परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।


इस मामले में कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बॉबी राठौर भी उनके समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा कि खटीमा क्षेत्र में 80-90% लोग थारू जनजाति की भूमि पर गैर-थारू के रूप में बसे हुए हैं, और अब उन्हें परेशान किया जा रहा है। यदि पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो वे तहसील कार्यालय और पुलिस कोतवाली के सामने धरना देने को मजबूर होंगे।


वहीं फकीरचंद, जिन पर आरोप लगाए गए हैं, ने कहा कि दीवान सिंह ने उनके खिलाफ न्यायालय में अपील दायर की है, और वे न्यायालय के आदेश को मानने के लिए तैयार हैं।


उप-जिलाधिकारी तुषार सैनी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में न्यायालय के दस्तावेज मांगे हैं, जिन्हें अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है, और क्षेत्र में जमीन विवादों पर प्रशासन की भूमिका एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।



