

रिपोर्टर : अज़हर मलिक
लोकेशन : बाजपुर

उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों सियासी तापमान चढ़ता जा रहा है। ताज़ा घटनाक्रम में भाजपा के ही पूर्व अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता एस.सी.एस. नामधारी ने पार्टी के ही मंत्री बलदेव सिंह औलख पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर औलख को “कांग्रेस की बी पार्टी का पोस्टर बॉय” करार दिया, जिससे भाजपा के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।



नामधारी का कहना है कि बलदेव औलख न केवल उत्तराखंड की राजनीति में हस्तक्षेप कर रहे हैं, बल्कि एक कदम आगे बढ़ते हुए कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने के मिशन पर भी काम कर रहे हैं। नामधारी ने पार्टी हाईकमान से औलख को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त करने की मांग की है।



गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनावों को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी तेज़ है। नामधारी के इन आरोपों को कई राजनीतिक विश्लेषक “आंतरिक असंतोष का विस्फोट” मान रहे हैं।



पार्टी की चुप्पी, मंत्री की प्रतिक्रिया का इंतजार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से अब तक भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मंत्री बलदेव औलख ने भी अभी तक इस पर कोई बयान नहीं दिया है।

राजनीतिक हलकों में अब यह सवाल गूंज रहा है कि क्या औलख इस आरोप पर चुप्पी तोड़ेंगे, या फिर यह चुप्पी आने वाले समय में एक बड़ा सियासी तूफान लेकर आएगी?


नामधारी का यह आरोप ऐसे समय में आया है जब भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति में है, और उत्तराखंड में 2027 की तैयारियों की पृष्ठभूमि में संगठनात्मक अनुशासन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस “आंतरिक विद्रोह” पर क्या रुख अपनाती है।



