बद्रीनाथ धाम में प्राधिकरण के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, सातवें दिन भी जारी आंदोलन

बद्रीनाथ धाम में प्राधिकरण के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, सातवें दिन भी जारी आंदोलन

रिपोर्ट,, संजय कुंवर

बद्रीनाथ (चमोली)

भू बैकुंठ नगरी श्री बद्रीनाथ धाम में प्राधिकरण की नीतियों के विरोध में पिछले सात दिनों से जन आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय व्यापारी, होटल व्यवसायी और दुकानदार सरकार के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी स्थानीय लोगों का आरोप है कि बद्रीनाथ क्षेत्र में लागू किए गए प्राधिकरण के नियम-कायदे आम नागरिकों, विशेषकर छोटे व्यापारियों के लिए भारी परेशानी का सबब बन चुके हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि या तो इन नियमों को स्थानीय हित में संशोधित किया जाए, या फिर प्राधिकरण को पूर्णतः भंग किया जाए।

रविवार को सातवें दिन भी आंदोलन जारी
रविवार को जन आंदोलन के सातवें दिन स्थानीय मातृ शक्तियों ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में महिलाएं एराइवल प्लाजा के पास एकत्रित हुईं और बद्रीपुरी क्षेत्र तक जन आक्रोश रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया, जिसे आंदोलनकारियों ने सरकार की “बुद्धि शुद्धि यज्ञ” बताया। हनुमान चालीसा के पाठ के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन से संवेदनशीलता और स्थानीय जनता के हित में निर्णय लेने की अपील की।

पर्यटन मंत्री और सांसद के खिलाफ भी नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार के साथ-साथ पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और सांसद गढ़वाल के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। आंदोलनकारियों ने इन जनप्रतिनिधियों पर बद्रीनाथ क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया।

आगे की रणनीति जल्द
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा