धराली आपदा के बाद सुनसान पड़ा गंगोत्री धाम, यात्रा सीजन में पहली बार शीतकाल जैसी वीरानी

धराली आपदा के बाद सुनसान पड़ा गंगोत्री धाम, यात्रा सीजन में पहली बार शीतकाल जैसी वीरानी

उत्तरकाशी

धराली क्षेत्र में हाल ही में आई भीषण आपदा का असर अब सीधे गंगोत्री धाम पर दिखाई देने लगा है। जहां इस समय हर साल हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, घंटियों की गूंज और भक्ति का माहौल होता था, वहां अब सन्नाटा पसरा है

इतिहास में पहली बार यात्रा सीजन के दौरान गंगोत्री धाम शीतकाल जैसा भयावह और वीरान नज़र आ रहा है।

मंदिर समिति और सुरक्षाकर्मी मौजूद, साधु-संतों का तप जारी

गंगोत्री मंदिर परिसर में मंदिर समिति के कुछ सदस्य और सुरक्षाकर्मी ही मौजूद हैं, जबकि आश्रमों में रह रहे साधु-संत तपस्या में लीन हैं।

दुकानदारों ने खाली की दुकानें, लौटे घर

आपदा के बाद श्रद्धालुओं का आना लगभग बंद हो गया, जिससे दुकानें एक के बाद एक बंद हो गईं। आर्थिक नुकसान और भय के चलते स्थानीय दुकानदार अपने घर लौट गए हैं।

धाम में पसरा है डर और सन्नाटा

जहां पहले गंगोत्री धाम रात्रि में भी रोशनी और श्रद्धालुओं की आवा-जाही से जीवंत रहता था, आज वहां हर तरफ डर, सन्नाटा और खालीपन है। स्थानीय लोग और जानकार इसे अब तक की सबसे गंभीर स्थिति मान रहे हैं।

“गंगोत्री धाम के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ”

एक स्थानीय पुजारी ने बताया:

“शीतकाल में जब धाम बंद होता है, तब भी कुछ विशेष पूजा-पाठ के लिए लोग आते हैं। लेकिन इस बार यात्रा के समय में भी ऐसा सन्नाटा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया।”


गंगोत्री धाम से ये तस्वीरे देखिए – जो बता रही हैं कि प्रकृति की एक आपदा कैसे एक जीवंत तीर्थस्थल को वीरान बना सकती है।