

स्थान:चंपावत
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर स्वाला डेंजर जोन में शनिवार सुबह 5:30 बजे भारी मलबा गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। इस कारण सैकड़ों वाहन और यात्री घंटों फंसे रहे, जिससे चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।



राखी जैसे पारिवारिक त्योहार पर लोग समय पर घर नहीं पहुंच सके, जिससे कई परिवारों की खुशियों पर असर पड़ा।

डीएम ने संभाला मोर्चा, एनएच की मशीनों ने किया राहत कार्य


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और एनएच अधिकारियों को तत्काल मलबा हटाने के निर्देश दिए। प्रशासन की निगरानी में राष्ट्रीय राजमार्ग की मशीनों ने बिना रुके कार्य किया और रविवार सुबह मार्ग को यातायात के लिए पुनः खोल दिया गया।

जनता ने ली राहत की सांस, लेकिन खतरा अभी बरकरार


राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वर्तमान में यातायात सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन स्वाला क्षेत्र की स्थिति अब भी अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। लगातार बारिश की स्थिति में मार्ग दोबारा बंद हो सकता है, जिसके चलते मशीनों को सतर्क रखा गया है।

एनएच विभाग पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय जनता ने एनएच विभाग पर समय से सुरक्षा उपाय न करने और लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है

कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर 16 दिनों तक राजमार्ग बंद रहा था, बावजूद इसके स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है।




