


लक्सर

लक्सर के खड़जा कुतुबपुर गांव निवासी उमादत्त शर्मा ने लक्सर चौकी पुलिस पर मोटरसाइकिल चोर को संरक्षण देने और चौकी से भगा देने का गंभीर आरोप लगाया है।

आज मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए उमादत्त शर्मा ने बताया कि करीब पखवाड़े भर पहले उनकी मोटरसाइकिल लक्सर की एक कॉलोनी में स्थित उनके आवास के सामने से चोरी हो गई थी। उन्होंने पुलिस को तत्काल सूचना दी, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की गई।



पीड़ित ने खुद ढूंढा चोर का सुराग
उमा दत्त शर्मा का कहना है कि जब पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया, तो उन्होंने अपने स्तर पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से चोर की पहचान की और पूरी जानकारी पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने तहरीर तो ले ली, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि अपने साथियों की मदद से उन्होंने खुद मशक्कत कर संदिग्ध चोर को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन बाद में जानकारी मिली कि पुलिस ने उसे चौकी से छोड़ दिया।


पुलिस पर गंभीर आरोप
उमादत्त शर्मा ने आरोप लगाया कि,

“पुलिस चोर-बदमाशों को जेल भेजने के बजाय उनसे ‘सेटिंग’ कर उन्हें बचा रही है। यह पूरी व्यवस्था आम नागरिक के लिए बहुत हतोत्साहित करने वाली है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यह मामला वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तक लेकर जाएंगे।



पुलिस की सफाई
इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) नताशा सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि,
“मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पीड़ित द्वारा शक के आधार पर पकड़े गए व्यक्ति को पहले छोड़ा गया था, लेकिन अब उससे दोबारा पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।”


क्या कहता है यह मामला?
यह घटना पुलिस और आम नागरिक के बीच भरोसे की खाई को उजागर करती है। जहां एक ओर आम आदमी अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए खुद लड़ाई लड़ने को मजबूर है, वहीं दूसरी ओर पुलिस पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि एसएसपी स्तर पर यह मामला कितना संज्ञान में लिया जाता है और क्या चोरी के आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई होती है या नहीं।



