


रूड़की

अरशद हुसैन

थाना पिरान कलियर क्षेत्र के धनौरी चौकी अंतर्गत तेलीवाला उर्फ शिवदासपुर गांव में एक मासूम बच्ची पर हुए हमले का मामला पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला मोड़ ले चुका है।



शुरुआत में यह बताया गया था कि दो अज्ञात बदमाश घर में घुस आए और बच्ची पर हमला कर फरार हो गए, लेकिन पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि यह पूरी कहानी मनगढ़ंत और झूठी थी।

क्या था मामला?


गांव निवासी तजमीम अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारी में गए हुए थे और अपनी दो बेटियों को पड़ोस में रह रहे परिजनों के पास छोड़कर गए थे। सोमवार सुबह दोनों बच्चियां अपने घर में खेलने के लिए पहुंचीं, तभी कथित रूप से दो अज्ञात बदमाशों के घर में घुसने और एक बच्ची पर हमला करने की सूचना मिली थी।
बच्ची के सिर में गंभीर चोटें आई थीं और उसे खून से लथपथ हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने घटना को चोरी की नीयत से हमला बताया था।



पुलिस की जांच में हुआ खुलासा
एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने मामले की गहराई से जांच करवाई। सीसीटीवी फुटेज, बयान और घटनास्थल की परिस्थितियों के विश्लेषण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि घर में कोई घुसा ही नहीं था।

पुलिस की सख्ती के बाद आखिरकार सच सामने आया — बच्ची पर हमला किसी अज्ञात चोर ने नहीं, बल्कि उसकी ही बड़ी बहन ने गुस्से में लोहे की हथौड़ी से किया था।


क्या बोले अधिकारी?
एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया,
“घटना के पीछे कोई चोरी या बाहरी हमला नहीं है। जांच में सामने आया है कि बड़ी बहन ने आपसी विवाद के चलते छोटी बहन पर लोहे की हथौड़ी से सिर पर वार कर दिया था। इस तथ्य की पुष्टि पीड़िता और उसके परिजनों के बयानों से हुई है।”
पुलिस ने की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में सही जानकारी दें, ताकि जांच और न्याय प्रक्रिया में वक्त और संसाधनों की बर्बादी न हो।
स्थानीय लोगों में हैरानी
घटना से गांव में हड़कंप मच गया था, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो स्थानीय लोग भी स्तब्ध रह गए। अब पुलिस द्वारा परिवार की काउंसलिंग कराने और बच्चों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देने की बात कही जा रही है।

यह मामला इस बात की कड़ी याद दिलाता है कि घरेलू विवाद कभी-कभी गंभीर और अप्रत्याशित रूप भी ले सकते हैं। साथ ही, झूठी कहानियों से जांच को गुमराह करना न सिर्फ पुलिस की मेहनत को बेकार करता है बल्कि न्याय प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है।


