

थराली, 4 अगस्त

थराली नगर पंचायत के वार्ड-2 देवराडा को पुनः ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीण लगातार मुखर हैं। देवराडा के निवासियों ने इसी मांग के समर्थन में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ नगर निकाय चुनाव का भी बहिष्कार किया था। परिणामस्वरूप अब तक वार्ड से कोई पार्षद नहीं चुना जा सका है।



सोमवार को उपजिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट ने देवराडा के मंदिर प्रांगण में जनसुनवाई कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और नगर पंचायत में शामिल न होने के कारणों को जाना।


ग्रामीणों ने रोजगार गारंटी, बढ़ते करों का बोझ, नगर से दूरी, और सफाई व्यवस्था की बदहाली जैसे मुद्दे उठाते हुए स्पष्ट कहा कि देवराडा को फिर से ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाना चाहिए।



जनसुनवाई के दौरान नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अकबीर सिंह, खंड विकास अधिकारी थराली तथा तहसील प्रशासन के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बताया कि नगर पंचायत में शामिल होने के बाद न तो उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिलीं और न ही विकास कार्यों में प्राथमिकता दी जा रही है।



एसडीएम पंकज भट्ट ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को गंभीरता से लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि इस पर सकारात्मक और उचित निर्णय लिया जा सके।

देवराडा के ग्रामीणों की यह लगातार संघर्षपूर्ण पहल अब शासन-प्रशासन की गंभीर परीक्षा बन चुकी है। लोगों को उम्मीद है कि उनकी आवाज जल्द ही नीतिगत फैसले में तब्दील होगी।




