

स्थान : सितारगंज
रिपोर्ट : तनवीर अंसारी


सितारगंज के जिला उप चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं को लेकर सभासद पति अविनाश वाल्मीकि ने नाराजगी जताई है। बीती देर शाम वे सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचे और वहां मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. किशोर अग्रवाल से मुलाकात कर अस्पताल में दी जाने वाली सरकारी दवाओं की सूची को सार्वजनिक करने और अस्पताल परिसर में प्रदर्शित करने की मांग की।



अविनाश वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले अधिकतर मरीज मध्यम और निम्न वर्ग से होते हैं, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टरों द्वारा उन्हें पर्चों पर बाहरी और महंगी दवाइयां लिखी जाती हैं, जो गरीब मरीजों की पहुंच से बाहर होती हैं।



उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकारी स्वास्थ्य सेवा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।


उन्होंने ओपीडी शुल्क, दवाओं की उपलब्धता, और जनमानस को मिलने वाली सुविधाओं की पारदर्शिता जैसे कई मुद्दों पर सीएमओ से चर्चा की और कहा कि अस्पताल में जो दवाएं स्टोर में उपलब्ध हैं, उनकी सभी के लिए स्पष्ट सूची अस्पताल की दीवारों पर लगाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को यह पता चल सके कि उन्हें बाहर से दवा खरीदने की जरूरत है या नहीं।


इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएमओ डॉ. किशोर अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि अस्पताल में मिलने वाली सभी दवाओं की सूची जल्द ही अस्पताल परिसर में सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी, जिससे आमजन को पारदर्शिता के साथ चिकित्सा सुविधा मिल सके।

स्थानीय लोगों और मरीजों ने भी इस पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे मरीजों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।




