

रिपोर्ट – संजय कुंवर
चमोली

श्रावण मास का तीसरा सोमवार आज भारी मूसलाधार बारिश के बीच मनाया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में भगवान शिव की आराधना को लेकर विशेष उत्साह तो है, लेकिन तेज बारिश और नदी-नालों के उफान के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही पर असर पड़ा है।




आज सुबह से ही कल्पेश्वर महादेव, ज्योतेश्वर महादेव (ज्योतिर्मठ), भद्रेश्वर महादेव (बड़गांव), नागेश्वर महादेव (नोंग) सहित अन्य शिव मंदिरों में भक्तों का आना-जाना तो शुरू हुआ, लेकिन पहले की अपेक्षा भीड़ काफी कम रही।




चमोली जनपद में देर रात से भारी बारिश का सिलसिला जारी है। आज सुबह तक:

- चमोली प्रखंड में 88.6 मिमी
- नंदा नगर में 30 मिमी
- ज्योतिर्मठ में 16.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
अलकनंदा, धौलीगंगा, पिंडर और नंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं।


दशौली विकासखंड के निजमुला वैली में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पाणा ईराणी क्षेत्र के जन प्रतिनिधि मोहन सिंह नेगी ने जानकारी दी है कि PMGSY की निजमुला-गोणा-ईरानी-पाणा-भेलतना मोटर मार्ग बदहाल हालत में है। लगातार बारिश से बरसाती नाले, गदेरे और छोटे पुल उफान पर हैं, जिससे न सिर्फ वाहन संचालन, बल्कि पैदल चलना भी जानलेवा हो गया है।


ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।



प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों को आवाजाही के लिए जोखिम उठाना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, ऐसे में हालात और बिगड़ सकते हैं।
श्रावण सोमवार की भक्ति के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण मौसम ने इस बार श्रद्धालुओं की आस्था की परीक्षा ले ली है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक मदद और मौसम के सुधार पर टिकी हुई हैं।



