जवाहर नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत में योग क्लस्टर कार्यक्रम का भव्य आयोजन, 14 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लिया भाग

जवाहर नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत में योग क्लस्टर कार्यक्रम का भव्य आयोजन, 14 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लिया भाग

संजय जोशी
रानीखेत

जवाहर नवोदय विद्यालय, ताड़ीखेत में 2 और 3 अगस्त को आयोजित योग क्लस्टर कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक गरिमा और अनुशासित योग प्रदर्शन के साथ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में उत्तराखंड के 14 नवोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

आध्यात्मिक वातावरण में हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत दीप प्रज्वलन, स्वागत गीत, सरस्वती वंदना और उत्तराखंड के पारंपरिक नृत्य से की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि देवाशीष पाल (कमांडेंट, SSB सीमांत मुख्यालय, रानीखेत) ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया।

विद्यालय के प्राचार्य डी.एस. रावत ने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों व अतिथियों का स्वागत करते हुए योग के शारीरिक और मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला।

तकनीकी मार्गदर्शन और प्रेरणा

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चीफ कोच अरविंद कुमार शर्मा ने योगाभ्यास में तकनीकी मार्गदर्शन दिया और प्रतिभागियों के समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे और एसएसबी असिस्टेंट कमांडेंट संजीव डिमरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रतियोगिताएं और चयन

दो दिवसीय आयोजन के दौरान आयोजित योगासन प्रतियोगिता, समूह योग प्रदर्शन, ध्यान और प्राणायाम सत्र में सभी छात्रों ने अनुशासन और दक्षता का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन डी.सी. जोशी और ज्योति बोहरा ने किया, जबकि संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी लाखन सिंह राणा ने निभाई।

भविष्य की तैयारी

3 अगस्त को आयोजित समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार भेंट किए गए। कार्यक्रम के निर्णायक रहे नरेंद्र सिंह (केंद्रीय विद्यालय, रानीखेत) और चंदन सिंह फर्त्याल (रिसर्च स्कॉलर, फिजिकल एजुकेशन, गवर्नमेंट कॉलेज रानीखेत)

इस कार्यक्रम के अंत में 30 चयनित छात्र-छात्राएं, आगामी संभाग स्तरीय योग प्रतियोगिता में प्रतिभाग हेतु जवाहर नवोदय विद्यालय, जालौन (उत्तर प्रदेश) के लिए रवाना होंगे।

समग्र विकास की दिशा में प्रयास

यह आयोजन केवल एक योग प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, नैतिक और सांस्कृतिक विकास का एक आदर्श मंच बनकर उभरा, जिसकी सराहना उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने की।