

हरिद्वार

पवित्र नगरी हरिद्वार में शनिवार को 115वां मुल्तान जोत महोत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। हरकी पैड़ी पर आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और परंपरा के अनुसार दूध की होली खेली।



श्रद्धालु पिचकारियों से एक-दूसरे पर दूध और गंगाजल छिड़कते नजर आए। साथ ही ‘हर हर गंगे’ के जयकारों से हरकी पैड़ी का वातावरण भक्तिमय हो गया। महोत्सव में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।



अखिल भारतीय मुल्तान संगठन के अध्यक्ष महेंद्र नागपाल ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत साल 1911 में पाकिस्तान के मुल्तान शहर से रूपचंद नामक भक्त द्वारा की गई थी।



उन्होंने भाईचारे और शांति की कामना करते हुए पैदल चलकर हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा को जोत अर्पित की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर जारी है, और आज यह महोत्सव एक बड़ा सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन बन चुका है।


रविवार शाम को शोभायात्रा निकालकर मां गंगा को जोत अर्पित की जाएगी, जो महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा।

हर साल की तरह इस वर्ष भी पंजाब, दिल्ली, हरियाणा समेत देश के कई राज्यों से श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए और परंपराओं को निभाया।


आयोजन समिति ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस का आभार भी व्यक्त किया।


