

स्थान : हरिद्वार
रिपोर्टर : गोविन्द चौधरी


हरिद्वार जिला प्रशासन ने लक्सर से सटे भोगपुर क्षेत्र और आस-पास के इलाकों में संचालित 48 स्टोन क्रशरों को सील करने का दावा किया है। यह कार्रवाई मातृ सदन संस्था द्वारा दाखिल याचिका पर अदालत द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में की गई है, जिसमें बाणगंगा नदी के दोनों किनारों पर अवैध खनन को रोकने की मांग की गई थी।खनन गतिविधियों पर पूर्ण विराम



जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर गठित एक विशेष जांच टीम ने इन सभी क्रशरों के ऑनलाइन पोर्टल को भी बंद कर दिया है, जिससे न केवल खनन की प्रक्रिया पर रोक लगे, बल्कि रॉयल्टी की निकासी और खनन से जुड़ी सभी वित्तीय गतिविधियाँ भी पूरी तरह ठप हो जाएं।



प्रशासन का यह कदम अवैध खनन के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि सरकारी राजस्व के दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी।


मातृ सदन की याचिका के बाद हुआ एक्शन

हरिद्वार की सामाजिक संस्था मातृ सदन ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर बाणगंगा के किनारों पर हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में बताया गया था कि इस खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और यह नदी के अस्तित्व के लिए खतरा बनता जा रहा है।



प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसे अवैध खनन और पर्यावरण विरोधी गतिविधियों पर और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।


