बड़ागांव में चुनाव परिणामों के बाद प्रेम और सौहार्द की अनूठी मिसाल

बड़ागांव में चुनाव परिणामों के बाद प्रेम और सौहार्द की अनूठी मिसाल

ज्योतिर्मठ

रिपोर्ट-संजय कुंवर

सीमांत विकास खंड ज्योतिर्मठ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुके हैं। इस लोकतंत्र के महापर्व के बाद अब जब जनादेश स्पष्ट हो चुका है, तब सीमांत धौलीगंगा घाटी की सबसे बड़ी ग्राम सभा बड़ागांव ने समूचे क्षेत्र को एक प्रेरणादायक संदेश दिया है।

यहां के पंचायत चुनाव परिणामों के बाद एक अनोखा दृश्य सामने आया जब ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद से पराजित हुई महिला प्रत्याशी कमला देवी और बरमाला देवी ने ग्राम पंचायत भवन में आयोजित स्वागत समारोह में विजयी प्रत्याशियों लक्ष्मी देवी और वीना देवी का फूल-मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया।

हार के बावजूद सम्मान, गांव में बिखरा सौहार्द का उजियारा

चुनावी मतभेदों को दरकिनार करते हुए कमला देवी और बरमाला देवी ने जिस तरह विजयी प्रत्याशियों का खुले दिल से अभिनंदन किया, उसने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव लड़ने और जीतने का नाम नहीं, बल्कि एकजुट होकर गांव के विकास में भागीदारी निभाने का मंच भी है।

कार्यक्रम के दौरान कमला देवी ने कहा,

“हमारा गांव हमारा परिवार है। मतभेद चुनाव के साथ समाप्त हो गए हैं। अब समय है कि हम सभी मिलकर गांव की भलाई के लिए एक साथ काम करें। हार-जीत तो होती रहती है, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।”

गांव में राजनीति से ऊपर उठकर एकता का संदेश

इस स्वागत समारोह में गांववासियों ने देखा कि कैसे राजनीति से ऊपर उठकर महिला जनप्रतिनिधियों ने आपसी प्रेम, सम्मान और सहयोग की मिसाल पेश की। दोनों हारी हुई प्रत्याशियों ने यह भी घोषणा की कि वे आगे भी गांव के हर सामाजिक और सामुदायिक कार्य में सक्रिय रूप से भाग लेंगी और गांव के विकास में सहयोग करती रहेंगी।

नई नेतृत्व टीम को मिला जनसमर्थन

नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य वीना देवी ने भी इस gesture की सराहना की और भरोसा दिलाया कि वे सबको साथ लेकर चलेंगी।

उन्होंने कहा कि गांव की एकता और समरसता ही उसकी असली ताकत है।