त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने किया था ज़ोरदार प्रचार

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने किया था ज़ोरदार प्रचार

अल्मोड़ा

रिपोर्ट हरीश भण्डारी

उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 केवल ग्राम स्तर की राजनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसमें प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है। इन नेताओं की साख उनके समर्थित प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर निर्भर करती नजर आ रही है।

इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री व सोमेश्वर विधायक रेखा आर्य के लिए भी यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है। मंत्री रेखा आर्य ने पंचायत चुनाव में अपने विधानसभा क्षेत्र के कई प्रत्याशियों के पक्ष में जोरदार प्रचार अभियान चलाया।

उन्होंने अपने विधायक प्रतिनिधि, बीजेपी के ज़िला अध्यक्ष महेश नयाल सहित पार्टी पदाधिकारियों के साथ मिलकर ग्राम प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के समर्थन में घर-घर संपर्क किया।

रेखा आर्य ने चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि,

“जैसे हमने नगर निगम चुनाव में पार्टी का परचम फहराया, वैसे ही पंचायत चुनाव में भी हमारे समर्थित प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।”

उनका कहना है कि यह चुनाव संगठनात्मक शक्ति और विकास कार्यों की लोकप्रियता की परीक्षा भी है।

नतीजों पर टिकी निगाहें:

अब जब मतगणना शुरू हो चुकी है, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मंत्री रेखा आर्य की राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक प्रभाव ज़मीनी स्तर पर वोटों में तब्दील हो पाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि रेखा आर्य समर्थित प्रत्याशी स्पष्ट जीत दर्ज करते हैं, तो यह उनके भविष्य की राजनीति को और मजबूत करेगा, वहीं अपेक्षित परिणाम न आने की स्थिति में आलोचना और आत्ममंथन का दौर शुरू हो सकता है।