हल्द्वानी में चौड़ीकरण के चलते मंदिरों के बाहर लगे पीपल के वृक्ष हटाए जा रहे, प्रशासन ने शुरू की पुनःस्थापना प्रक्रिया

हल्द्वानी में चौड़ीकरण के चलते मंदिरों के बाहर लगे पीपल के वृक्ष हटाए जा रहे, प्रशासन ने शुरू की पुनःस्थापना प्रक्रिया

रिपोर्टर : पंकज सक्सेना
स्थान : हल्द्वानी

शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के तहत मंदिरों के बाहर स्थित पीपल के वृक्षों को हटाने की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है। इन वृक्षों को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ अन्य स्थानों पर पुनःस्थापित किया जा रहा है ताकि आस्था और पर्यावरण संतुलन दोनों को संरक्षित किया जा सके।

नगर मजिस्ट्रेट ने जानकारी देते हुए बताया कि चौड़ीकरण के दौरान जिन मंदिरों और सड़कों के पास पीपल के वृक्ष काटे जा रहे हैं, उन्हें अनुष्ठान के पश्चात सुरक्षित स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है। साथ ही, उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी प्रशासन ने स्वयं ली है।

कालाढूंगी चौराहे पर 200 साल पुराना वृक्ष भी हटाया गया

प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत मंगलवार को कालाढूंगी चौराहे पर स्थित कालू सिद्ध मंदिर के सामने लगा करीब 200 साल पुराना पीपल का पेड़ भी हटाया गया। यह वृक्ष स्थानीय श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता था। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि इस पेड़ को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ ‘शाह कुशल’ नामक स्थान पर पुनःस्थापित किया जा रहा है।

प्रशासन का दावा: आस्था और पर्यावरण दोनों का ध्यान

प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण एक आवश्यक विकास कार्य है, लेकिन इसके चलते धार्मिक भावनाओं या पर्यावरणीय संतुलन को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। प्रत्येक वृक्ष को हटाने से पहले पूजा-पाठ कराई जा रही है और उन्हें जहां भी स्थापित किया जा रहा है, वहां उनकी देखरेख के निर्देश भी जारी किए गए हैं।