

लोकेशन : ऋषिकेश
रिपोर्टर : सागर रस्तोगी


गोविंद नगर स्थित नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड की भूमि पर अतिक्रमण कर पिछले तीन दशकों से बसे 450 परिवारों को नगर निगम ने भूमि खाली करने का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हाई कोर्ट और जिलाधिकारी के आदेशों के तहत जारी किया गया है। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण ढंग से भूमि खाली नहीं की गई तो प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।



नोटिस मिलने के बाद इलाके में खलबली मच गई है। अपनी झुग्गी-झोपड़ियों से बेघर होने के डर से इन परिवारों ने अब राजनीतिक नेताओं से मदद की गुहार लगाई है। पूर्व पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा और पूर्व पार्षद शिव कुमार गौतम ने इन परिवारों के समर्थन में नगर निगम पहुंचकर मेयर शंभू पासवान से मुलाकात की और प्रभावितों को किसी योजना के तहत विस्थापित करने की मांग रखी।



नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन परिवारों के पुनर्वास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में सरकार को ज्ञापन भेजा गया है, जिसमें मांग की गई है कि 450 परिवारों को किसी उपयुक्त योजना के तहत वैकल्पिक स्थान पर बसाया जाए।


नगर निगम का पक्ष
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि श्री भरत मंदिर की है, और इसे अवैध कब्जे से मुक्त कराना अनिवार्य है। “हाई कोर्ट और जिलाधिकारी के आदेशों के तहत भूमि को खाली कराया जाएगा। यदि अतिक्रमणकारियों ने सहयोग नहीं किया तो बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी,” उन्होंने कहा।


मेयर ने दिलाया आश्वासन
मेयर शंभू पासवान ने झुग्गीवासियों की बात सुनने के बाद उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम कानून और मानवीय दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास करेगा।


पृष्ठभूमि:
डंपिंग ग्राउंड की जिस भूमि पर ये परिवार बसे हैं, वह भूमि धार्मिक संस्था श्री भरत मंदिर के स्वामित्व वाली है। वर्षों से अतिक्रमण कर इन परिवारों ने वहां निवास बना लिया था, जिसे अब न्यायालय के आदेशों के बाद हटाया जाना है।



