हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान भिड़े दो गुट, हथियार लेकर भिड़ंत — सड़क बनी रणभूमि, पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान भिड़े दो गुट, हथियार लेकर भिड़ंत — सड़क बनी रणभूमि, पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा

हरिद्वार

आस्था और भक्ति के सबसे बड़े उत्सव कांवड़ मेले में सोमवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो गुटों में आए शिवभक्तों के बीच भीषण झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ा कि लोहार की दुकान से धारदार हथियार उठाकर कांवड़िए एक-दूसरे पर टूट पड़े। सड़क और पार्किंग कुछ समय के लिए जंग का मैदान बन गए।


कैसे शुरू हुआ विवाद?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कांवड़ियों के दो गुटों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसके बाद एक गुट ने पास की लोहार की दुकान से हथियार उठा लिए, जिससे हालात और बिगड़ गए।


15 मिनट तक छाया रहा उपद्रव

करीब 15 मिनट तक सड़क पर भगदड़ मच गई। एक गुट के लोग विरोधियों को ढूंढते हुए इधर-उधर दौड़ते रहे। राहगीर, श्रद्धालु और दुकानदार दहशत में आ गए। इस दौरान कई वाहन और दुकानों को नुकसान भी पहुंचा।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही ज्वालापुर सीओ अभिनाश मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस को देखकर सभी उपद्रवी कांवड़िए मौके से फरार हो गए। फिलहाल इलाके में शांति बहाल कर दी गई है।

सीओ अभिनाश ने बताया:
“झगड़े में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान लिए जा रहे हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”


आस्था पर उपद्रव का साया

हरिद्वार में इस वर्ष कांवड़ियों की संख्या 4 करोड़ के करीब पहुंच चुकी है, जिससे कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं भक्ति के इस पर्व को कलंकित करती हैं।


प्रशासन की अपील

पुलिस-प्रशासन ने कांवड़ियों और आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और अफवाहों से बचने को कहा है। साथ ही सभी जिलों की पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।