उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वीकारा — मानसून सत्र की शुरुआत से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वीकारा — मानसून सत्र की शुरुआत से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम

नई दिल्ली

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। यह इस्तीफा संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले आया, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।


प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर X (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा:

“जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”


संविधान के तहत इस्तीफा

धनखड़ ने अपना इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 67(A) के तहत राष्ट्रपति को सौंपा, जो कि तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि वह “स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सा सलाह का पालन करने” के लिए पद छोड़ रहे हैं।


धनखड़ का कार्यकाल और राजनीतिक सफर

  • 11 अगस्त 2022 को बने भारत के 14वें उपराष्ट्रपति
  • राज्यसभा के सभापति के रूप में भी निभाई भूमिका
  • 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे
  • अपने कार्यकाल में कई बार रहे विपक्ष के निशाने पर

विपक्ष ने उठाए सवाल

धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा:

“हम धनखड़ जी के स्वास्थ्य की कामना करते हैं, लेकिन इस्तीफा संसद सत्र से पहले भी दिया जा सकता था। यह अप्रत्याशित कदम था।”

विपक्ष पहले से ही उपराष्ट्रपति पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाता रहा है। उनके कार्यकाल में विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश भी की थी।


राजनीतिक तापमान चढ़ा

धनखड़ का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, और विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। इस घटनाक्रम से संसदीय कार्यवाही में हंगामे की संभावना और बढ़ गई है।

उपराष्ट्रपति पद खाली होने के बाद जल्द ही नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संसदीय सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति सचिवालय से इसकी अधिसूचना अगले कुछ दिनों में जारी की जा सकती है