

हल्द्वानी

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (ओपन यूनिवर्सिटी) के कुलपति प्रो. ओम प्रकाश नेगी की पुनर्नियुक्ति को लेकर पहाड़ी आर्मी ने सोमवार को राज्यपाल/कुलाधिपति को ज्ञापन भेजकर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित करते हुए कहा कि कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया में भारी अनियमितता और नियमों की अनदेखी की जा रही है।



कुलपति नियुक्ति पर गंभीर आरोप:
पहाड़ी आर्मी प्रमुख हरीश रावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा:

“वर्तमान कुलपति न केवल 65 वर्ष की अधिवार्षिता सीमा पार कर चुके हैं, बल्कि उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसीलिए ओम प्रकाश नेगी की पुनर्नियुक्ति पूरी तरह अवैध और अनुचित है।”


उन्होंने मांग की कि नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल रोककर सीबीआई जांच करवाई जाए।

ज्ञापन में दिए गए मुख्य तर्क:

- कुलपति की आयु सीमा 65 वर्ष:
ओम प्रकाश नेगी की जन्मतिथि 16 जुलाई 1958 है, वे 67 वर्ष के हो चुके हैं।
विश्वविद्यालय की नियमावली व UGC रेगुलेशन 2010 के अनुसार, 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति की नियुक्ति अवैध मानी जाएगी जब तक कि अधिनियम में संशोधन न हुआ हो। - कानूनी संशोधन नहीं हुआ:
मुक्त विश्वविद्यालय की नियमावली में अधिवार्षिता को 70 वर्ष करने का कोई संशोधन नहीं किया गया, इसलिए नियम पूर्ववत 65 वर्ष ही मान्य हैं। - भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप:
ज्ञापन में कहा गया है कि कुलपति के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्ट नियुक्तियां हुईं। हाईकोर्ट में तीन मामले विचाराधीन हैं। - सर्च कमेटी पर भी सवाल:
65 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को यदि चयन समिति बुलाती है या पैनल में शामिल करती है तो वह प्रक्रिया भी अवैध मानी जानी चाहिए।


आंदोलन की चेतावनी:
पहाड़ी आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रो. ओम प्रकाश नेगी की पुनर्नियुक्ति नहीं रोकी गई तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने वालों में रहे प्रमुख चेहरे:
- विनोद शाही (प्रदेश संगठन महामंत्री)
- भुवन पाण्डेय (नगर अध्यक्ष)
- मोहन कांडपाल (जिला अध्यक्ष)
- कमलेश खंडूरी (मीडिया प्रभारी)
- फौजी दिनेश जोशी, अरुण शाह, दीपक गंगोला, भगवंत राणा सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


