

रिपोर्ट – अंजली पंत
स्थान – हल्द्वानी

हल्द्वानी में रक्सिया, कलसिया और देवखड़ी नालों के किनारे बसे घरों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए लाल निशानों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को कांग्रेस ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को निशाना बनाने की साजिश बताया है।




सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य आंदोलनकारी ललित जोशी ने प्रेस वार्ता कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से शहर में रह रहे परिवारों के घरों पर 40 से 50 फीट तक लाल निशान लगा दिए गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।


जोशी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने नाले की सीमा से सटे कुछ भवनों को तो निर्माण की अनुमति दी है, जबकि अन्य को जबरन उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और असमानता से भरी है।


उन्होंने कहा, “प्रशासन की मंशा स्पष्ट रूप से गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों को हटाने की है। कांग्रेस फिलहाल केवल अपील कर रही है, लेकिन यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो जल्द ही सभी प्रभावितों के साथ मिलकर एक बड़ी बैठक की जाएगी।”

जोशी ने बताया कि इस बैठक के बाद एक ज्ञापन मुख्यमंत्री, राज्यपाल और जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा, और आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने यह भी चेताया कि अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी तो कांग्रेस सड़कों पर उतर कर विरोध करेगी।


इस पूरे मामले ने हल्द्वानी की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां प्रशासनिक कार्रवाई और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बन गया है।



