

स्थान – मसूरी, उत्तराखंड

रिपोर्टर – धर्मेंद्र सिंह

पर्यटन नगरी मसूरी, जहां देश-विदेश से लाखों पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं, वहां शौचालयों की बदहाल स्थिति ने नगर पालिका परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में कई स्थानों पर शौचालयों को आधुनिक रूप देने का कार्य तो पूरा कर लिया गया है,



लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन शौचालयों पर अब तक ताले लटके हुए हैं। इससे न सिर्फ पर्यटकों को बल्कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


शहर के मुख्य प्रवेश द्वार किंक्रेग पर स्थित एकमात्र शौचालय का कार्य कई महीने पहले पूरा हो चुका है, लेकिन आज तक उसे जनता के लिए नहीं खोला गया है। विशेष रूप से महिलाओं को इस स्थान पर भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शहर के अन्य हिस्सों में भी कई शौचालय या तो बंद हैं या फिर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।


स्थानीय व्यापारी यूसुफ खान का कहना है कि “पर्यटक जब यहां आते हैं और उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं तो वे यह तक कह जाते हैं कि अगली बार मसूरी नहीं आएंगे। इससे न केवल पर्यटन प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।”




नगर पालिका द्वारा शौचालयों के आधुनिकीकरण की घोषणा और निर्माण कार्य सराहनीय तो है, लेकिन समय रहते इनका संचालन शुरू न होना, व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो इससे मसूरी की पर्यटन छवि पर भी विपरीत असर पड़ सकता है।




