

हरिद्वार

उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमी” के तहत हरिद्वार पुलिस ने ढोंगी बाबाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए छह फर्जी साधुओं को गिरफ्तार किया है। ये लोग साधु-संतों का वेश धारण कर जनता की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे थे।



एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर गठित पुलिस टीमों ने यह कार्रवाई कलियर और मंगलौर थाना क्षेत्रों में की। इस अभियान का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी नगर और रूड़की के पर्यवेक्षण में किया गया। पुलिस का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और नकली बाबाओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तार किए गए ढोंगी साधु:
थाना कलियर से गिरफ्तार –


झाफर पुत्र मुंशी, निवासी खडखोडी, कुलई बाजार, जिला महाराजगंज (उ.प्र.), उम्र 60 वर्ष
साबिर पुत्र कय्यूम, निवासी कडजन बाजार, जिला सिपोल (बिहार), उम्र 45 वर्ष
सलीम पुत्र मौ. साकिर, निवासी कटरा पठानान, थाना दक्षिण फिरोजाबाद (उ.प्र.), उम्र 55 वर्ष

भीम सैन पुत्र जगदीश प्रसाद, निवासी जहांगीर पुरी, नई दिल्ली, उम्र 52 वर्ष

मौ. हसन पुत्र सगीर, निवासी ग्राम दाह गांव, थाना दोघट, जिला बागपत (उ.प्र.), वर्तमान निवासी बेडपुर, थाना कलियर, उम्र 40 वर्ष
कोतवाली मंगलौर से गिरफ्तार –
- महेश पुत्र मांगेराम, निवासी नारसन खुर्द, कोतवाली मंगलौर


कानूनी कार्रवाई जारी
गिरफ्तार सभी ढोंगियों के खिलाफ विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे फर्जी साधु, जो समाज में धार्मिक आस्था का दुरुपयोग कर ठगी, भ्रम और अपराध में लिप्त हैं, उन्हें चिन्हित कर कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा।

क्या है ऑपरेशन “कालनेमी”?
यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य धार्मिक वेश में छुपे अपराधियों और फर्जी बाबाओं को बेनकाब कर जनता को ठगने से रोकना है। इसका नाम रामायण के चरित्र ‘कालनेमी’ के नाम पर रखा गया है, जो राक्षस होते हुए भी साधु के वेश में प्रभु भक्तों को भ्रमित करता था।
हरिद्वार पुलिस ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे ऐसे व्यक्तियों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


