

स्थान -खटीमा उधम सिंह नगर

रिपोर्ट- अशोक सरकार

सीमांत खटीमा क्षेत्र को पीलीभीत से जोड़ने वाला खटीमा-मझोला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। इस मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। एनएच विभाग की लापरवाही के चलते इस मुख्य सड़क पर न तो मरम्मत का कोई कार्य हो रहा है और न ही अस्थायी सुधार की कोई व्यवस्था की गई है।



जानकारी के अनुसार यह सड़क करीब दो साल पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) को हस्तांतरित कर दी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से अब तक इसे दुरुस्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगभग एक साल से सड़क की हालत बदतर होती जा रही है, और इस पर जलभराव व गहरे गड्ढों के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



हाल ही में सड़क पर सफर कर रहे एक व्यक्ति गड्ढों में भरे पानी के कारण गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका कहना है कि बारिश के कारण गड्ढे पानी से भर गए हैं और यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। इस स्थिति में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जानलेवा साबित हो रहा है।



विधायक ने केंद्र को भेजा 35 करोड़ का प्रस्ताव
क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी ने बताया कि खटीमा-पिलीभीत मार्ग की मरम्मत को लेकर 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा गया है, और जल्द ही इसमें कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होता, बरसात के मौसम में गड्ढों को अस्थायी रूप से भरकर सड़क को चलने लायक बनाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने दूरभाष के माध्यम से एनएच अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनहित को देखते हुए गड्ढों को तात्कालिक रूप से भरा जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


स्थानीय जनता में आक्रोश
सड़क की खस्ताहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विभाग की अनदेखी जारी है। यह सड़क दो राज्यों—उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश—को जोड़ने वाली प्रमुख कड़ी है, जिस पर भारी वाहनों की आवाजाही भी होती है। ऐसे में इसका खराब होना क्षेत्र के विकास और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है।

अब सभी की निगाहें एनएच विभाग और सरकार की कार्यवाही पर टिकी हैं कि आखिर कब सड़क की मरम्मत शुरू होगी और जनता को राहत मिलेगी।


