उद्योगों को बढ़ावा देने की धामी सरकार की पहल पर कांग्रेस का हमला, 2023 इन्वेस्टर समिट की सफलता पर उठाए सवाल

उद्योगों को बढ़ावा देने की धामी सरकार की पहल पर कांग्रेस का हमला, 2023 इन्वेस्टर समिट की सफलता पर उठाए सवाल

देहरादून

राज्य में औद्योगिक निवेश को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की ओर से वर्ष 2023 में आयोजित इन्वेस्टर समिट को लेकर अब सियासत गरमा गई है। सरकार का दावा है कि समिट के जरिए कुल ₹3.5 लाख करोड़ के एमओयू (MoU) साइन हुए

, जिनमें से अब तक ₹1 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग हो चुकी है। इस उपलब्धि को रुद्रपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मनाने की तैयारी की जा रही है।

लेकिन सरकार की इस “उपलब्धि” पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के मुख्य मीडिया कोऑर्डिनेटर राजीव महर्षि ने धामी सरकार के दावों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा को पहले यह बताना चाहिए कि पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के समय हुए इन्वेस्टर समिट का क्या परिणाम निकला। उन्होंने कहा कि हर बार भारी-भरकम निवेश के आंकड़े गिनाए जाते हैं, लेकिन जमीन पर उसका असर नजर नहीं आता।

राजीव महर्षि ने आगे कहा कि यदि उत्तराखंड में औद्योगिक विकास की कोई ठोस नींव पड़ी है, तो उसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी की सरकार को जाता है। उन्होंने ही राज्य में निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों को स्थापित करने की दिशा में मजबूत पहल की थी।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सिर्फ कागजी घोषणाओं और दिखावे की राजनीति कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश के युवाओं को आज भी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।

फिलहाल, रुद्रपुर में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार उद्योगों से जुड़े वादों को धरातल पर कितना उतार पाती है।