

देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में येलो अलर्ट जारी, आपदा प्रबंधन सचिव ने की अपील — “नदी किनारे न जाएं, सेल्फी से बचें”

देहरादून, 11 जुलाई।
उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए इन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई है।




82 सड़कें बंद, भूस्खलन से बाधित यातायात
राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारिश की वजह से प्रदेशभर में 82 सड़कें बंद हो गई थीं, जिनमें उत्तरकाशी जिले का एक राजमार्ग भी शामिल है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इनमें से 24 सड़कों को खोल दिया गया है, और शेष मार्गों को जल्द खोलने के प्रयास जारी हैं।



स्कूल व आंगनवाड़ी केंद्र बंद
देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए, जिला प्रशासन ने 10 जुलाई को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया था।


आपदा प्रबंधन सचिव की चेतावनी
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक बारिश के कारण बंद हुई 1300 से अधिक सड़कों में से 1200 से ज्यादा सड़कों को पुनः चालू कर दिया गया है। शेष मार्गों को खोलने के लिए यंत्रबल और राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं।

उन्होंने जनता से बरसात के मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही आज से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के संबंध में चेताते हुए कहा—

“कांवड़ यात्री किसी भी हालत में नदी के किनारे न जाएं। नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। और सबसे जरूरी बात — कृपया सेल्फी के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।”

जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं
बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं, पर्वतीय जिलों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। प्रशासन, PWD और SDRF की टीमें लगातार सड़कों को खोलने और फंसे लोगों की सहायता में जुटी हुई हैं।




