

“सालों से बच्चों का पेट पालते आए, अब सब छिन गया” — व्यापारी
पालिका सख्त, मंत्री ने दो माह में समाधान का दिया भरोसा

मसूरी, 11 जुलाई।
मसूरी मॉल रोड से हटाए गए पटरी दुकानदारों ने गुरुवार को अपनी रोज़ी-रोटी बचाने की गुहार लगाते हुए उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात की।


प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि वे वर्षों से इसी सड़क पर छोटा-मोटा व्यापार कर अपने परिवार का पेट पालते आए हैं, लेकिन अचानक प्रशासन ने उनकी दुकानें हटवा दीं, जिससे उनके समक्ष रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है।



“सड़क पर बस्ता बिछाकर बच्चों को पाला, अब क्या करें?”
दुकानदारों ने मंत्री से कहा कि वे लंबे समय से मॉल रोड पर बैठकर व्यापार कर रहे थे और उनका जीवन यापन इसी पर निर्भर था। अब दुकानें हटने के बाद उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।


मंत्री का आश्वासन: पात्रों को मिलेगा हक
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने व्यापारियों की बात सहानुभूति के साथ सुनी और भरोसा दिलाया कि जो वाकई ज़रूरतमंद और पात्र हैं, उन्हें अनदेखा नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के बाद पात्र लोगों को दो महीने के भीतर पुनः व्यवस्थित किया जाएगा।


पालिका अध्यक्ष का सख्त रुख
वहीं, मसूरी पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट किया कि मॉल रोड को “मछली बाजार” बनने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कई लोग खुद पक्के मकान और दुकानों के मालिक होते हुए भी पटरी लगाकर बैठे थे, जो अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



1 जुलाई से सभी पटरी दुकानदारों को हटाया गया है। अब जांच के बाद केवल वास्तविक रूप से ज़रूरतमंद लोगों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।


राजनीति की चेतावनी
पालिका और मंत्री दोनों ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होने दी जाएगी। अगर किसी ने स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



