उर्गम घाटी में माँ कालिंका की रथ यात्रा 34 वर्षों बाद हुई प्रारंभ

उर्गम घाटी में माँ कालिंका की रथ यात्रा 34 वर्षों बाद हुई प्रारंभ

भर्की गांव से नौ माह की यात्रा पर निकली देवी डोली, बदरीनाथ–केदारनाथ सहित कई धामों का करेगी भ्रमण

स्थान – चमोली
रिपोर्ट – संदीप कुमार

उर्गम घाटी (पैनखंडा), 11 जुलाई।
पौराणिक परंपराओं और भक्ति भाव के साथ उर्गम घाटी की अधिष्ठात्री देवी माँ कालिंका की भव्य रथ यात्रा 34 वर्षों बाद भर्की गांव से प्रारंभ हुई। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विशेष पूजा-अर्चना के बाद देवी की रथ डोली ने ग्राम भ्रमण करते हुए आगामी नौ माह की यात्रा के लिए प्रस्थान किया।

34 वर्षों बाद पुनः जीवंत हुई परंपरा
बताया गया कि माँ कालिंका की यह ऐतिहासिक रथ यात्रा 34 वर्षों बाद आयोजित की जा रही है, जो अब लगातार नौ माह तक जारी रहेगी। इस दौरान देवी डोली पौराणिक धामों जैसे बदरीनाथ, केदारनाथ, रुद्रनाथ, भविष्य बदरी, नंदा मंदिर लाता सहित कई अन्य मंदिरों का भ्रमण करेगी।

बेटियों से भी होगा ‘ध्यान’ मिलन
यात्रा केवल तीर्थस्थलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देवी डोली दशोली और जोशीमठ ब्लॉक के गांवों का भी भ्रमण करेगी, जहां वह ‘ध्याणियों’ — यानी विवाहित बेटियों — से भी भेंट करेगी, जो उत्तराखंड की पारंपरिक धार्मिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।

नंदा अष्टमी पर पुनः ग्राम प्रवास
यात्रा के दौरान देवी डोली नंदा अष्टमी पर्व पर अपने ग्राम भर्की में प्रवास के लिए लौटेगी और पर्व संपन्न होने के बाद पुनः अगली चरण की यात्रा पर निकल जाएगी।

धार्मिक उल्लास और लोक आस्था का संगम
प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना के बाद देवी की रथ डोली को पौराणिक परंपराओं के साथ रवाना किया गया। इस दौरान भक्ति गीत, डोल-नगाड़ों और स्थानीय लोकधुनों के बीच सैकड़ों देवी भक्तों ने यात्रा में भाग लिया और माँ कालिंका के जयघोषों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।