शेर पंपिंग योजना पर उठे सवाल, 16 गांवों में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी

शेर पंपिंग योजना पर उठे सवाल, 16 गांवों में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी

रिपोर्ट – संजय जोशी
स्थान – रानीखेत

ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनी शेर विद्यापीठ पंपिंग योजना भी लगभग 5000 की आबादी वाले 16 गांवों की प्यास बुझाने में असफल साबित हो रही है।

लगातार नौ दिनों से पानी की आपूर्ति बाधित रहने से खुडोली, इड़ा, पजीना समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और वे संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद के कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने जल संस्थान और विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

संयुक्त मजिस्ट्रेट ने जल संस्थान व विद्युत विभाग के अधिकारियों को तलब कर ग्रामीणों के साथ बैठक की और तीन दिन के भीतर आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय पर आपूर्ति नहीं होती तो टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराना जल संस्थान की जिम्मेदारी होगी

शेर विकास संघर्ष समिति के देवेंद्र सिंह फर्त्याल ने बताया कि ग्रामीणों ने कई बार जल संस्थान से संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

अब आश्वासन तो मिला है, लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा

इस दौरान निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह रावत सहित कई ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह समस्या अब असहनीय हो चुकी है और सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए।