देवीधुरा का ऐतिहासिक माँ बाराही मेला 5 अगस्त से, 9 अगस्त को होगा पारंपरिक बग्वाल आयोजन

देवीधुरा का ऐतिहासिक माँ बाराही मेला 5 अगस्त से, 9 अगस्त को होगा पारंपरिक बग्वाल आयोजन

स्थान:चंपावत
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

उत्तराखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ माँ बाराही धाम, देवीधुरा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला पारंपरिक एवं ऐतिहासिक मेला इस वर्ष 5 अगस्त से 16 अगस्त 2025 तक संपन्न होगा। मेले का मुख्य आकर्षण और पारंपरिक आयोजन ‘बग्वाल’ इस बार 9 अगस्त को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न किया जाएगा।

मेला तैयारियों को लेकर मंगलवार को देवीधुरा में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला समिति, जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी, व्यापार मंडल प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मेला तैयारियों पर विशेष फोकस:

जिलाधिकारी ने बैठक में निर्देश दिए कि यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, ठहराव, और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। इस वर्ष मेला क्षेत्र को 5 सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा, जिससे प्रत्येक सेक्टर में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, पार्किंग और सफाई की व्यवस्था बेहतर हो सके।

प्रतिबंध और व्यवस्थाएं:

  • जर्जर भवनों की पहचान कर उन पर श्रद्धालुओं के चढ़ने पर प्रतिबंध रहेगा।
  • दुकानों का सत्यापन मेला शुरू होने से दो सप्ताह पूर्व किया जाएगा। हर दुकान पर मालिक का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा।
  • नालियों के ऊपर दुकानें लगाने की अनुमति नहीं होगी, उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
  • पॉलीथीन व थर्माकोल के प्रयोग और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • दोपहिया वाहनों का प्रवेश मेला क्षेत्र में पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी:

पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि मेले की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • महिला श्रद्धालुओं के लिए महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
  • मेला क्षेत्र में नशा, मांसाहार और अराजक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, बैरिकेडिंग, फायर यूनिट, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं को माइक्रो प्लानिंग के तहत लागू करने के निर्देश दिए गए।

3D मैपिंग और साइट प्लान:

जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग और खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि बग्वाल क्षेत्र का 3D मैप तैयार किया जाए और सभी व्यवस्थाएं साइट प्लान आधारित ढंग से सुनिश्चित की जाएं।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों से कहा, “यह आयोजन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा से जुड़ा उत्सव है। हर अधिकारी इसे सेवा के भाव से देखें और अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।”

बैठक में मौजूद अधिकारी:

बैठक में एसडीएम पाटी नीतू डागर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत कमलेश बिष्ट, माँ बाराही मंदिर समिति के पदाधिकारी लक्ष्मण लमगड़िया, मोहन बिष्ट, चेतन बिष्ट, खीम सिंह लमगड़िया, कीर्ति वल्लभ जोशी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


देवीधुरा का मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा है, जिसे भक्ति, अनुशासन और समर्पण के साथ मनाया जाएगा।