उत्तराखंड: पंचायत चुनाव कराने के फैसले पर उठे सवाल, वन पंचायत सरपंच संगठन ने जताई आपत्ति

उत्तराखंड: पंचायत चुनाव कराने के फैसले पर उठे सवाल, वन पंचायत सरपंच संगठन ने जताई आपत्ति

रिपोर्टर- गोविन्द रावत
स्थान – सल्ट/अल्मोड़ा

वन पंचायत सरपंच संगठन के प्रदेश अध्यक्ष घनानंद शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने के निर्णय पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि सरकार ने आनन-फानन में चुनाव कराने का फैसला लिया है, जो वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए जनविरोधी और अव्यावहारिक है।

शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड एक आपदा ग्रस्त प्रदेश है, और इस समय राज्य का भौगोलिक भूभाग अत्यंत विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में चुनाव कराए जाने हैं, वहां भूस्खलन, भारी बारिश और टूटे हुए रास्तों की वजह से सुरक्षित आवागमन तक संभव नहीं है

प्रमुख बिंदु जो शर्मा ने उठाए:

  • आपदा के चलते जन-जन तक पहुंच पाना मुश्किल: लोगों की भागीदारी पर प्रश्नचिह्न
  • आपदा राहत कार्यों की धीमी गति: टेंडर तो हुए, लेकिन जमीन पर कोई कार्य नज़र नहीं आ रहा
  • यात्रा असंभव: दुर्गम क्षेत्रों में जनता के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंच पाना जोखिम भरा
  • लोकतंत्र की भागीदारी प्रभावित: प्राकृतिक आपदा में जनता पूरी तरह चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएगी

शर्मा ने कहा, “सरकार को पहले आपदा राहत कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी, उसके बाद ही चुनाव प्रक्रिया आरंभ की जाती। इस तरह की जल्दबाजी से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े होते हैं।”

उन्होंने मांग की कि जब तक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक चुनाव प्रक्रिया को स्थगित किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो संगठन जन आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।