रामनगर में चूहों का आतंक! मकानों की नींव खोखली, व्यापारी और रहवासी दहशत में

रामनगर में चूहों का आतंक! मकानों की नींव खोखली, व्यापारी और रहवासी दहशत में

रिपोर्टर -: आसिफ इक़बाल
लोकेशन -: रामनगर

रामनगर शहर इन दिनों एक गंभीर संकट से जूझ रहा है। चूहों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि कई मकानों और दुकानों की नींव खोखली हो चुकी है, जिससे स्थानीय व्यापारी और रहवासी दहशत में हैं। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि मुख्य बाजार—जो रामनगर का व्यावसायिक हृदय है—की दीवारों में दरारें और ज़मीन के नीचे गड्ढे देखे जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चूहे नालियों के रास्ते घरों और दुकानों में घुसकर सुरंगें बना रहे हैं, जिससे भवनों की नींव कमजोर हो रही है और किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ गया है। इस समस्या ने अब जनसुरक्षा के साथ-साथ व्यापार पर भी सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।

व्यापारियों की आपबीती

नीरज अग्रवाल, एक स्थानीय व्यापारी, ने बताया:
“मेरे भवन की नींव पूरी तरह खोखली हो चुकी थी। जब समय रहते इसका अहसास हुआ तो मरम्मत करवाई गई, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।”

वहीं अनिल कुमार खुलासा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
“1952 के बाद से रामनगर की नालियों की मरम्मत नहीं हुई है। आज चूहे इन्हीं टूटी-फूटी नालियों के रास्ते दुकानों की नींव तक पहुंचकर उन्हें खोखला कर रहे हैं।”

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र:

  • जसपुरिया लाइन
  • लोहारा लाइन
  • बजाजा लाइन
  • ज्वाला लाइन
  • नंदा लाइन

इन इलाकों में दर्जनों मकानों में चूहों द्वारा नींव को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ चुके हैं। दुकानदारों ने मजबूरी में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

नगरपालिका प्रशासन हरकत में आया

मामले को गंभीरता से लेते हुए रामनगर के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने कहा:
“हमने स्थिति को गंभीरता से लिया है। प्रभावित इलाकों का सर्वे कराया जा रहा है। जहां चूहों द्वारा खुदाई और नालियों को क्षति पहुंची है, उनकी सूची बनाई जा रही है। जल्द ही सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू होगा।”

उन्होंने बताया कि एक विशेष सर्वेक्षण टीम का गठन किया गया है जो चूहों द्वारा क्षतिग्रस्त क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार कर रही है, ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।