

रिपोर्ट हरीश भण्डारी

अल्मोड़ा

सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माने जाने वाले 12 ज्योतिर्लिंगों और तीन प्रमुख शक्तिपीठों के दर्शन की भावना को आत्मसात करते हुए कारखाना बाजार, अल्मोड़ा निवासी राहुल राजीव साह ने साइकिल से 17 महीने में 15,000 किलोमीटर की रोमांचक यात्रा पूरी की है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि एक मजबूत संदेश भी लेकर आई—“सनातन धर्म और पर्यावरण दोनों की रक्षा जरूरी है।”




साइकिल पर आस्था की यात्रा
राहुल पेशे से साइकिलिस्ट हैं और इससे पहले भी वह गोवा और अमरनाथ जैसे दुर्गम स्थलों तक साइकिल यात्रा कर चुके हैं। लेकिन इस बार उन्होंने अपनी यात्रा को और भी विशेष और चुनौतीपूर्ण बनाया। उन्होंने बताया कि



“12 ज्योतिर्लिंग और 3 शक्तिपीठों के दर्शन करना मेरा सपना था। इसे साइकिल से पूरा करने का मकसद आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लोगों को जागरूक करना था।”
इन स्थलों के किए दर्शन:

राहुल ने जिन 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए उनमें शामिल हैं:
- सोमनाथ (गुजरात)
- मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश)
- महाकालेश्वर (मध्य प्रदेश)
- ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश)
- केदारनाथ (उत्तराखंड)
- भीमाशंकर (महाराष्ट्र)
- काशी विश्वनाथ (उत्तर प्रदेश)
- त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र)
- वैद्यनाथ (झारखंड)
- नागेश्वर (गुजरात)
- रामेश्वरम (तमिलनाडु)
- घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र)
इसके साथ ही उन्होंने कामाख्या (असम), वैष्णो देवी (जम्मू-कश्मीर) और मां तारा पीठ (पश्चिम बंगाल) जैसे शक्तिपीठों के भी दर्शन किए।

यात्रा का उद्देश्य – जागरूकता का संदेश
राहुल की यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं थी। उनका मुख्य उद्देश्य था:

- सनातन धर्म की संस्कृति को बढ़ावा देना
- पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल जैसे वैकल्पिक यातायात को बढ़ावा देना
- युवाओं को नशे से दूर रखकर सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना

लोगों के लिए बनें प्रेरणा स्रोत
राहुल के इस साहसिक और संयमित प्रयास की अब स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। कई लोग उन्हें युवा प्रेरणा और पर्यावरण दूत कहकर संबोधित कर रहे हैं।


