

उत्तरकाशी

रिपोर्ट महावीर सिंह राणा

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब गंभीर रूप लेने लगा है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भटवाड़ी के पास भू-धंसाव की बड़ी घटना सामने आई है, जहां भारी बारिश और भटवाड़ी नाले के उफान पर आने से कई घर, गौशाला और जमीनें खतरे में आ गई हैं। वहीं यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई स्थानों पर लैंडस्लाइड और कटाव के कारण बंद पड़ा है।



गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी में मची तबाही
भटवाड़ी क्षेत्र में देर रात भारी वर्षा के कारण नाला अचानक उफान पर आ गया, जिससे:

- स्थानीय निवासी नवीन राणा की गौशाला और पॉलीहाउस बह गए।
- कई नाली कृषि भूमि भी नाले में समा गई।
- आसपास के कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि
“हम पूरी रात जागते रहे, लेकिन प्रशासन का कोई भी व्यक्ति मदद के लिए नहीं पहुंचा। गनीमत रही कि समय रहते हमने अपने मवेशियों को बाहर निकाल लिया।”
प्रशासन पर नाराजगी



- सुबह 5 बजे आपदा प्रबंधन को सूचना दी गई, तब जाकर पटवारी मौके पर पहुंचा।
- प्रशासन ने प्रभावित घरों को खाली करने के आदेश दिए हैं, लेकिन ग्रामीणों की चिंता यह है कि वे जाएं तो जाएं कहां?
यमुनोत्री हाईवे भी अवरुद्ध
दूसरी ओर, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड, ओजरी और बनास के पास


- भूस्खलन, भू-धंसाव और हाईवे कटाव के कारण यातायात पूरी तरह बंद है।
- BRO की टीम हाईवे को खोलने में जुटी हुई है, लेकिन भारी मलबा और बारिश कार्य में बाधा बन रही है।
पुलिस और BRO मौके पर तैनात
गंगोत्री हाईवे पर BRO द्वारा मलबा हटाने का काम जारी है और पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।


प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी
यह घटनाएं प्रशासनिक सतर्कता और त्वरित आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली की कमी को उजागर करती हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि
“अब हमें आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए। बार-बार हर साल यही हाल होता है।”


