दांतों से कांवड़ खींचता शिवभक्त बना हरिद्वार की आस्था का केंद्र, मेरठ तक का संकल्प

दांतों से कांवड़ खींचता शिवभक्त बना हरिद्वार की आस्था का केंद्र, मेरठ तक का संकल्प

टॉप – रुड़की
संवाददाता – प्रवेश राय

सावन की शुरुआत से पहले ही कांवड़ यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है, और इस बार हरिद्वार की पावन धरती से निकली एक अनोखी कांवड़ हर किसी के आकर्षण का केंद्र बन गई है।

शिवभक्ति और आस्था के जुनून की मिसाल बनकर एक श्रद्धालु ने ऐसी कांवड़ यात्रा शुरू की है, जो न सिर्फ अद्वितीय है, बल्कि श्रद्धा की सीमाओं को भी पार करती दिख रही है।

यह अद्वितीय शिवभक्त हर की पौड़ी से गंगा जल भरने के बाद कांवड़ को अपने दांतों से खींचते हुए मेरठ के लिए रवाना हुआ है। ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ वह अपने कठिन संकल्प की राह पर अग्रसर है। भक्त का संकल्प साफ है—दांतों से कांवड़ खींचते हुए बाबा भोलेनाथ के दरबार तक पहुंचना।

आस्था का अनोखा प्रदर्शन

हर साल लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं और अलग-अलग रूपों व साधनों से अपनी भक्ति प्रकट करते हैं, लेकिन दांतों से कांवड़ खींचने जैसा संकल्प बहुत ही दुर्लभ और साहसिक माना जा रहा है। यह शिवभक्त न सिर्फ लोगों के लिए प्रेरणा बना है, बल्कि उसकी आस्था और शक्ति का संगम देखने के लिए रास्ते भर भारी भीड़ उमड़ रही है

संवाददाता से खास बातचीत

HNN 24×7 न्यूज के संवाददाता प्रवेश राय ने इस अनोखे शिवभक्त से खास बातचीत की। बातचीत के दौरान श्रद्धालु ने बताया कि यह कार्य उसकी आस्था, साधना और बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। वह मानता है कि यह संकल्प उसकी आत्मा से जुड़ा है और बाबा की कृपा से ही यह यात्रा पूरी होगी।

सुरक्षा और सहारा

इस संकल्प यात्रा के दौरान श्रद्धालु के साथ साथी भक्तों की एक टीम भी चल रही है, जो मार्ग में उसकी देखभाल और आवश्यक सहायता कर रही है। प्रशासन भी इस विशेष यात्रा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था में लगा हुआ है।